मत्स्य पालन योजनाएं

देश की बढ़ती आबादी, बेरोजगारी तथा पौष्टिक आहार की कमी के परिप्रेक्ष्य में मत्स्यपालन का महत्व दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। प्रदेष तथा जिले में भी मत्स्योद्योग, उत्तरोत्तर विकास की ओर अग्रसर है ग्रामीण क्षेत्रों में मत्स्यपालन बेरोजगारी दूर करने का सषक्त माध्यम हैं जिसे कम समय एवं कम लागत में अधिक आय देने वाले सहायक व्यवसाय के रूप में अपनाया जा रहा है। मत्स्य पालन एक फायदेमंद खेती है जिसे आम आदमी आसानी से कर सकता है खेती की तरह न तो इसमें अधिक मजदूरी लगती है न ही बीमारी लगने की संभावना रहती है। अधिक वर्षा, ओले या पाले का डर नही रहता है मत्स्य पालन की सबसे बड़ी विषेषता यह है कि जरूरत पड़ने पर हर साइज मछली का मूल्य मिल जाता है।

प्रदेष में मत्स्य पालन हेतु प्रचुर जलसंसाधन लगभग 3.56 लाख हेक्टर जलक्षेत्र उपलब्ध है जिसमें से 2.92लाख हेक्टर जलक्षेत्र जलाषयों का तथा 0.57 लाख हेक्टर जलक्षेत्र ग्रामीण तालाबों का है। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय जलक्षेत्र .......... लाख हेक्टर की तुलना में अपना राज्य .........वें स्थान पर है।

राज्य में मत्स्योद्योग के विकास हेतु अनेक कल्याणकारी योजनायें क्रियान्वित हैं जिसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के कृषकों के साथ-साथ सभी वर्गो के मछुओ को तकनीकी मार्गदर्षन एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती हैै जिसका विवरण निम्नानुसार हैः-

राज्‍य योजनायें

केन्‍द्र प्रवर्तित योजनायें

अन्‍तर्देशीय मात्स्यिकीय एवं जल कृषि विकास
  • ताजा जल कृषि विकास योजना (मत्‍स्‍य कृषक विकास अभिकरण)
  • मात्स्यिकीय प्रशिक्षण एवं प्रसार
    • प्रगतिशील मत्‍स्‍य पालकों का प्रशिक्षण भ्रमण
    • मत्‍स्‍य कृषकों के प्रशिक्षण केन्‍द्र की स्‍थापना

मध्यप्रदेश सेक्टर रिस्ट्रक्चरिंग परियोजना

केन्‍द्र क्षेत्र योजना

मात्स्यिकीय के ऑकडों एवं सूचना तंत्र का सुदृढीकरण
  • अन्‍तर्देशीय मात्स्यिकीय आखेट आंकलन सर्वेक्षण
  • सूचना प्रौद्योगिकी
  • भौगोलिक सूचना तंत्र का विकास
  • अन्‍तर्देशीय मात्स्यिकीय की संगणना

मछुआरा कल्‍याणकारी योजनायें (राष्‍ट्रीय मछुआरा कल्‍याण निधि से क्रियान्वित)

 

मछलियों के बारे में जानकारी

संदेश

  • दिनांक 4,5 एवं 6 फरवरी, 2012 को लाल परेड ग्राउण्ड, भोपाल में फिश फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है । फिश फेस्टिवल सह मछुआ पंचायत का आयोजन तीन दिवसीय होगा । इस आयोजन में मत्स्योत्पादन, मत्स्यबीज उत्पादन, शोभायमान मछलियों के उत्पादन की नवीनतम तकनीकी के प्रचार प्रसार हेतु स्टाॅल लगाए जाएंगे एवं फ्लेक्स द्वारा भी प्रदर्शित किया जाएगा । राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों के तकनीकी सत्र का आयोजन किया जावेगा जिससे मत्स्य पालक, मछुआरें लाभांवित होंगे । फिश फेस्टिवल के आयोजन में प्रतिस्पर्धाओं का समावेश किया जावेगा । जिनमें मछली के विभिन्न व्यंजन तैयार करने की विधि, फिश एंग्लिंग, नौका दौड़, जैव विविधता पर निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं कला पथक ,द्वारा नाटक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे ।
  • मध्यप्रदेश शासन, मछली पालन विभाग द्वारा प्रदेश के ग्रामीण तथा विकास क्षेत्रों में निवासरत मछुआ परिवारों को सुरक्षित आवास शुद्व पेय जल तथा सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 में मछुआ आवास योजना भारत शासन के सहयोग से समपूर्ण प्रदेश में लागू किया गया है । प्रदेश स्तर पर इस योजना का शुभारम्भ दिनांक 5.11.2011 को माननीय श्री ईश्वरदास रोहाणी विधानसभा अध्यक्ष मध्यप्रदेश के मुख्य आतिथ्य तथा माननीय श्री अजय विश्नोई, मंत्री, मध्यप्रदेश शासन, मछली पालन विभाग की अध्यक्षता में तथा माननीय श्री राकेश सिंह सांसद जबलपुर के विशिष्ट आतिथ्यि में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, जबलपुर में आयोजित किया गया जिसमें जबलपुर संभाग के जबलपुर जिले के 125 सदस्य तथा मण्डला जिले के 43 सदस्यों को चैक वितरण का किया गया ।