विभाग के समाचार

  • मत्स्य महासंघ द्वारा रूपये 2 करोड़ तथा रूपये 1.75 करोड़ कुल रूपये 3.75 करोड़ के चैक मान्नीय मुख्यमंत्री जी, मध्य प्रदेश शासन को प्रदाय किये ।
  • प्रमुख सचिव, मध्य प्रदेश शासन, मछली पालन विभाग तथा मुख्य अभियंता जल संसाधन द्वारा तवा लेफ्ट बैंक केनाल पर स्थित ग्राम तीखर एवं ग्राम जमानी के समीपवर्ती बोरोपिट में मत्स्यबीज संवर्धन पोखरों के निर्माण की साइट का अवलोकन किया गया ।

प्रेस न्यूज

  • मध्यप्रदेश शासन, मछली पालन विभाग द्वारा प्रदेश के ग्रामीण तथा विकास क्षेत्रों में निवासरत मछुआ परिवारों को सुरक्षित आवास शुद्व पेय जल तथा सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 में मछुआ आवास योजना भारत शासन के सहयोग से समपूर्ण प्रदेश में लागू किया गया है । प्रदेश स्तर पर इस योजना का शुभारम्भ दिनांक 5.11.2011 को माननीय श्री ईश्वरदास रोहाणी विधानसभा अध्यक्ष मध्यप्रदेश के मुख्य आतिथ्य तथा माननीय श्री अजय विश्नोई, मंत्री, मध्यप्रदेश शासन, मछली पालन विभाग की अध्यक्षता में तथा माननीय श्री राकेश सिंह सांसद जबलपुर के विशिष्ट आतिथ्यि में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, जबलपुर में आयोजित किया गया जिसमें जबलपुर संभाग के जबलपुर जिले के 125 सदस्य तथा मण्डला जिले के 43 सदस्यों को चैक वितरण का किया गया ।
  • महाशीर मुख्य नर्मदा नदी में पाई जाती है । इसे स्थानीय भाषा बाड़स कहते हैं । केन्द्रीय अंतस्र्थलीय मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान कोलकाता की सर्वे रिर्पोट अनुसार महाशीर मछली का उत्पादन 10 से 15 प्रतिशत रह गया है। प्रदेश में जैव विविधता संरक्षण एवं पारिस्थितिकीय संतुलन हेतु महाशीर मछली का संरक्षण आवश्यक था । महाशीर एक प्रमुख स्पोर्ट फिश भी है जिसकी मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के जलाशयों में संचयन करने से पर्यटन विकास भी होगा ।
    महाशीर मछली बीज का उत्पादन हेतु नर्मदा किनारे होशंगाबाद जिले में हैचरी तथा प्रक्षेत्र का निर्माण किया जाएगा जिसमें महाशीर मछली का प्रजनन कराकर मत्स्यबीज संवर्धन कर नदियों के गहरे दहों में संचयन किया जाएगा । महाशीर मछली के प्राकृतिक संरक्षण हेतु नर्मदा बेसिन एवं ऐसे स्थल जहां महाशीर प्राकृतिक रूप से पाई जाती है के मछुआरों की जागरूगता हेतु मछुआ गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा । जैवविविधता के संरक्षण हेतु अनुसंधान एवं विभाग के मध्य समन्वय स्थापित कर मछली के संरक्षण की पहल पर गहन अध्ययन किया जाना प्रस्तावित है ।
    अतः प्रदेश की जीवनधारा कही जाने वाली प्राचीन एवं आध्यात्मिक महत्ता से परिपूर्णनर्मदा नदी में पूर्व में स्थापित किन्तु वर्तमान में कम हो रही प्रजाति महाशीर Tor-tor को कृषि क्षेत्रक मामलों की मंत्री परिषद समिति (कृषि केबिनेट) में दिनांक 26.9.2011 को प्रदेश में पाई जाने वाली महाशीर मछली Tor-tor की वृद्वि एवं संरक्षण हेतु स्टेट फिश घोषित की गई है।
  • दिनांक 30.11.2011 को राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण संस्थान (सीएट) बरखेड़ीकला भोपाल में मध्यप्रदेश में मत्स्योद्योग के समग्र विकास हेतु स्टेटस पेपर तैयार करने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन प्रमुख सचिव, मछलीपालन विभाग की अध्यक्षता में किया गया जिसमें डाॅ. दिलीप कुमार सलाहकार, मध्यप्रदेश शासन, डाॅ. ए.पी.शर्मा निदेशक ब्ण्प्ण्थ्ण्त्ण्प्ण् बैरकपुर, डाॅ. बी.सी.झा, वरिष्ठ वैज्ञानिक ब्ण्प्ण्थ्ण्त्ण्प्ण् बैरकपुर, श्री यू.के.पुरोहित संचालक मत्स्योद्योग, म.प्र. भोपाल एवं समस्त संभागीय एवं जिला अधिकारी उपरोक्त कार्यशाला में उपस्थित रहे । उक्त कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले की मूलभूत जानकारी एकत्रित कर एवं जिले के गुणदोष के आधार पर एक रिर्पोट तैयार करना है । इसके लिए नई तकनीक को अपनाना आवश्यक होगा, जिससे मत्स्योत्पादन में वृद्वि के साथ साथ आय भी बढ़ेगी । प्रदेश के मछुआ परम्परागत तरीके से मत्स्य पालन करते हैं । वैज्ञानिक पद्वति का ज्ञान न होने से उन्हें अपने क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम आय होती है ।
    डॉ. ए.पी. शर्मा द्वारा कथन किया गया कि मध्यप्रदेश में मत्स्योत्पादन तो हो रहा है लेकिन राष्ट्रीय मानक के आधार पर नहीं हो रहा है जिसे बढ़ाए जाने की आवश्यकता है ।
  • दिनांक 4,5 एवं 6 फरवरी, 2012 को लाल परेड ग्राउण्ड, भोपाल में फिश फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है । फिश फेस्टिवल सह मछुआ पंचायत का आयोजन तीन दिवसीय होगा । इस आयोजन में मत्स्योत्पादन, मत्स्यबीज उत्पादन, शोभायमान मछलियों के उत्पादन की नवीनतम तकनीकी के प्रचार प्रसार हेतु स्टाॅल लगाए जाएंगे एवं फ्लेक्स द्वारा भी प्रदर्शित किया जाएगा । राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों के तकनीकी सत्र का आयोजन किया जावेगा जिससे मत्स्य पालक, मछुआरें लाभांवित होंगे । फिश फेस्टिवल के आयोजन में प्रतिस्पर्धाओं का समावेश किया जावेगा । जिनमें मछली के विभिन्न व्यंजन तैयार करने की विधि, फिश एंग्लिंग, नौका दौड़, जैव विविधता पर निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं कला पथक ,द्वारा नाटक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे ।

 

मछलियों के बारे में जानकारी

संदेश

  • दिनांक 4,5 एवं 6 फरवरी, 2012 को लाल परेड ग्राउण्ड, भोपाल में फिश फेस्टिवल का आयोजन किया जा रहा है । फिश फेस्टिवल सह मछुआ पंचायत का आयोजन तीन दिवसीय होगा । इस आयोजन में मत्स्योत्पादन, मत्स्यबीज उत्पादन, शोभायमान मछलियों के उत्पादन की नवीनतम तकनीकी के प्रचार प्रसार हेतु स्टाॅल लगाए जाएंगे एवं फ्लेक्स द्वारा भी प्रदर्शित किया जाएगा । राष्ट्रीय स्तर के वैज्ञानिकों के तकनीकी सत्र का आयोजन किया जावेगा जिससे मत्स्य पालक, मछुआरें लाभांवित होंगे । फिश फेस्टिवल के आयोजन में प्रतिस्पर्धाओं का समावेश किया जावेगा । जिनमें मछली के विभिन्न व्यंजन तैयार करने की विधि, फिश एंग्लिंग, नौका दौड़, जैव विविधता पर निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं कला पथक ,द्वारा नाटक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे ।
  • मध्यप्रदेश शासन, मछली पालन विभाग द्वारा प्रदेश के ग्रामीण तथा विकास क्षेत्रों में निवासरत मछुआ परिवारों को सुरक्षित आवास शुद्व पेय जल तथा सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2011-12 में मछुआ आवास योजना भारत शासन के सहयोग से समपूर्ण प्रदेश में लागू किया गया है । प्रदेश स्तर पर इस योजना का शुभारम्भ दिनांक 5.11.2011 को माननीय श्री ईश्वरदास रोहाणी विधानसभा अध्यक्ष मध्यप्रदेश के मुख्य आतिथ्य तथा माननीय श्री अजय विश्नोई, मंत्री, मध्यप्रदेश शासन, मछली पालन विभाग की अध्यक्षता में तथा माननीय श्री राकेश सिंह सांसद जबलपुर के विशिष्ट आतिथ्यि में पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय, जबलपुर में आयोजित किया गया जिसमें जबलपुर संभाग के जबलपुर जिले के 125 सदस्य तथा मण्डला जिले के 43 सदस्यों को चैक वितरण का किया गया ।